खतरनाक आतंकवादी रियाज नायकु का इस तरह से किया सेना ने खात्मा ,उसको मारने के लिए सेना बनाया था ऐसे प्लान यहां जाने उसकी मरने की पूरी कहानी

कश्मीर का मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादी और हिज्बुल मुजाहिदीन का टॉप कमांडर रियाज नायखू पुलवामा जिले के बैग पूरा में सुरक्षा बलों के साथ एनकाउंटर में मारा गया।

आतंकी रियाज नायक A ++ केटेगरी का आतंकी था सेना को उसके काफी लंबे समय से तलाश थी और उसके ऊपर से सेना 1200000 का इनाम भी रखा था सेना ने उसे ढेर करने के लिए खास प्लान बनाया रियाज नायकुबहुत ही शातिर आतंकी था बताया जा रहा है कि उसने अपने घर तक आने-जाने के लिए सुरंगे बना रखी थी इस बात की सूचना बहुत ही गिने चुने लोगों को ही थी थी क्योंकि वह किसी पर भरोसा नहीं करता था।

सेना ने विस्फोटक से वः घर उड़ा दिया और जो सुरंग में उसने जान बचाने के लिए खोदी थी उसी में उसकी कब्र बन गई सेना ने इस मामले में कोई रिस्क नहीं लिया इसलिए मारे जाने के बाद भी रियाज की पहचान को लेकर पूरी तरह आश्वस्त होना चाहते थे इसलिए साढ़े पांच घंटे तक उसके पहचान करने में लगाए गए सबसे पहले उसके शरीर के निशानों को देखा गया फिर पुलिस ने उसके बाद सीआरपीएफ ने फिर सेना ने , उसके बाद आईबी ने और अंत में स्थानीय लोगों से उसकी पहचान कराई गई उसके बाद रियाज के मारे जाने की सूचना बाहर आयी।

सुबह 2:00 बजे एरिया की घेराबंदी की गई और आसपास के घरों में सभी सिविलियंस को सुरक्षित बाहर निकाला गया कोई सिविलियंस इसमें घायल नहीं हुआ आतंकियों से मुठभेड़ सुबह 9:30 बजे शुरू हुयी थी 4 घंटे तक लगातार फायर फाइट के बाद रियाज नायकु को मारा गया बेगपोरो में नायकू के साथ एक और आतंकी था उसे भी सुरक्षाबलों ने मार गिराया दो एके-47 और गोला बारूद बरामद हुआ है।

गणित के टीचर से आतंकी बने रियाज अहमद नायक ने पुलिस अफसरों के परिवार के लोगों को अपहरण और आतंकी के मरने पर बंदूकों से सलामी देने का चलन शुरू किया था बताया जा रहा है कि नायक अपनी बीमार मां को देखने आया था और इसी दौरान उसके घर पहुंचने की सूचना पुलिस को मिली सेना ने मकान को मंगलवार को ही घेर लिया था लेकिन कोई फायरिंग नहीं हुई सेना को उसके भाग जाने का अंदेशा हुआ कुछ खुफिया लोगों ने उसके मकान से बनी सुरंगों के रास्ते भागने की बात कही तो सेना ने जेसीबी मंगवाई।

इलाके के आसपास खेतों और रेलवे ट्रैक ट्रैक की खुदाई की गई जहां यहां जमीन के भीतर सुरंगे ढूंढी गई देर रात सेना ने सर्च ऑपरेशन रोक दिया लेकिन इलाके से घेराबंदी हट नहीं हटाई गई आखिर नायकु को जब एहसास हुआ कि अब वह बच कर नहीं भाग सकता तो उसने लगभग 9:00 बजे फायरिंग शुरू कर दी फायरिंग होने के बाद सेना ने भी जवाबी फायरिंग की और फिर इनका एनकाउंटर शुरू हो गया आखिर दोपहर को नायकु मार गिराया गया सूत्रों के मुताबिक थोड़ी देर बाद ओवेस हिज्बी ढेर कर दिया गया।

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Author: admin

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