भारत का ट्रंप के बयान पर कहा, अपनी जरूरतों को पूरा करने के बाद होगा दवा देने पर विचार

भारत ने ट्रंप के बयान  के बाद उठे विवाद पर कहा कि यह किसी भी सरकार का दायित्व होता है कि पहले वह सुनिश्चित करे कि उसके अपने लोगों के पास दवा (hydroxychloroquine) या इलाज के हर जरूरी संसाधन उपलब्ध हों।

हाइलाइट्स

  • भारत ने ट्रंप के बयान को अधिक तवज्जो देने से मना करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है
  • ट्रंप ने कहा था कि भारत ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन पर से प्रतिबंध नहीं हटाया तो अमेरिका भी जवाबी कार्रवाई कर सकता है
  • पैरासिटामोल और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की बात है वह लाइसेंस कैटेगरी में रहेगी और उसकी मांग पर लगातार नजर रखी जाएगी

बड़ी ख़बर – शादी के बाद इस क्रिकेटर का रहा है 5-6 लड़कियों के साथ नाजायज संबंध,जिसमे शामिल है ये बॉलीवुड एक्ट्रेस

नई दिल्ली
विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के बयान को अधिक तवज्जो देने से मना करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है। ट्रंप ने अमेरिका में दिये अपने बयान में कहा था कि अगर भारत ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन पर से प्रतिबंध नहीं हटाया तो अमेरिका भी जवाबी कार्रवाई कर सकता है।

ताज़ा खुलासा  –   सुष्मिता सेन का खुलासा, 6 महीने पहले 15 साल के लड़के ने मेरे साथ की थी..

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने इसके बाद उठे विवाद पर कहा कि यह किसी भी सरकार का दायित्व होता है कि पहले वह सुनिश्चित करे कि उसके अपने लोगों के पास दवा या इलाज के हर जरूरी संसाधन उपलब्ध हों। इसी के मद्देनजर शुरू में कुछ एहतियाती कदम उठाए गए थे और कुछ दवाओं के निर्यात को प्रतिबंधित किया गया था।

वीरेंद्र सहवाग की पत्नी आरती सहवाग ने दर्ज कराई FIR, जानिए क्या है मामला….

सल्ली होने पर हटाए प्रतिबंध
बाद में स्थिति की समीक्षा की गयी और इस बात की तसल्ली की गयी कि देश के अंदर की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त दवा है, तब जाकर इन अधिकतर प्रतिबंध को हटा लिया गया। सोमवार को 14 दवाओं पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया गया। जहां तक पैरासिटामोल और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की बात है वह लाइसेंस कैटेगरी में रहेगी और उसकी मांग पर लगातार नजर रखी जाएगी। लेकिन अगर मांग के अनुरूप आपूर्ति रही तो फिर कुछ हद तक निर्यात की अनुमति दी जा सकती है।

ये भी पढ़ें– इस अभिनेत्री से वेश्यावृत्ति करवाता था प्रोड्यूसर, एड्स की वजह से हुई थी दर्दनाक मौत

भारत मानवीयता के आधार पर देगा दवा
विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि कोरोनावायरस महामारी के समय भारत ने हमेशा कहा है कि ऐसे कठिन हालात में पूरे विश्व को एक होकर इससे लड़ना होगा। इसमें मानवीय पहलू के बारे में भी सोचना होगा। भारत ने कहा कि वह इन दवाओं को उन जरूरतमंद देशों को भी भेजेगा जो इस बीमारी से सबसे अधिक ग्रसित हैं। विदश मंत्रालय नेकहा कि ऐसे कठिन परिस्थिति में किसी तरह के अनर्गल विवाद को खड़ा नहीं किया जाना चाहिए।

वीरेंद्र सहवाग की पत्नी आरती सहवाग ने दर्ज कराई FIR, जानिए क्या है मामला….


दवा को लेकर भारतअमेरिका के बीच विवाद है पुराना
मालूम हो कि दाव और मेडिकल डिवाइस को लेकर भारत-अमेरिका के बीच यह कोई नया विवाद नहीं है। दोनों देशों के बीच बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील के लटकने के पीछे इस पर भारत की सख्ती ही मुख्य कारण बतायी जा रही है। भारत ने लगातार कहा है कि वह पहले अपने लोगों की जरूरतों को देखेगा, जब अमेरिका भारत पर इन पर ढील देने का दबाव बनाता रहा है।

loading...

Author: admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *