Corona Virus: टेस्ट करा सकेंगे प्राइवेट लैब में लेकिन कुछ शर्तें भी हैं

भारत में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में यह संख्या और बढ़ सकती है। यह भी कहा जा रहा है कि भारत में संक्रमित लोगों का पता लगाने के लिए जितनी टेस्टिंग होनी चाहिए, उतनी नहीं हो रही है।

इस बात को ख़ारिज करते हुए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद यानी आईसीएमआर के डायरेक्टर जनरल बलराम भार्गव कह चुके हैं कि देश में पर्याप्त टेस्टिंग हो रही है और भारत हर दिन 10 हज़ार टेस्ट करने में सक्षम है। आईसीएमआर के मुताबिक़ 24 मार्च सुबह 10 बजे तक 20,864 सैंपल टेस्ट किए गए।

डायरेक्टर जनरल बलराम भार्गव के मुताबिक़ फ्रांस ने 1 हफ़्ते में 10 हज़ार टेस्ट किए, ब्रिटेन ने 16 हज़ार, अमेरिका ने 26 हज़ार, जर्मनी ने 42 हज़ार, इटली ने 52 हज़ार और साउथ कोरिया ने 80 हज़ार। उन्होंने बताया कि फ़िलहाल भारत 1 हफ़्ते में 50 से 70 हज़ार टेस्ट करने में सक्षम है और प्राइवेट लैब की मदद से इस क्षमता को बढ़ाया भी जा सकता है।

भारत में प्राइवेट लैब्स को टेस्टिंग की मंज़ूरी दी जा चुकी है। आईसीएमआर के डॉ. रमन ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि मंगलवार को 22 लैब चेन को मंज़ूरी दी गई है। इन लैब्स के देशभर में कुल साढ़े 15 हज़ार कलेक्शन सेंटर हैं। लेकिन डॉ. रमन ने लोगों से अपील की है कि ख़ुद जाकर प्राइवेट लैब में टेस्ट न कराएं। डॉक्टर की सलाह पर ही टेस्ट कराएं।

निजी लैब से कौन टेस्ट करा सकता है?

गाइडलाइंस के मुताबिक़ अगर आपको बुख़ार आ रहा है और खांसी या सांस लेने में दिक्कत हो रही है, तो आपको नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र जाना होगा। वहां डॉक्टर तय करेंगे कि आपको नोवेल कोरोना वायरस (SARS-CoV-2) का टेस्ट कराना चाहिए या नहीं?

तो क्या टेस्ट के लिए डॉक्यूमेंट चाहिए होंगे?

फ़ॉर्म 44 (कोविड-19), जिसे डॉक्टर ने पूरा भरा हो और हस्ताक्षर किए हों, स्टैम्प लगाया हो। साथ ही रेफ़र करने वाले डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन भी ज़रूरी है। सैम्पल लिए जाने के वक्त संभावित मरीज़ का सरकारी पहचान पत्र (आधार कार्ड/ वोटर आईडी/ पासपोर्ट) और फ़ोन नंबर देना होगा। इन दस्तावेज़ों के बिना टेस्ट नहीं कराया जा सकता।

टेस्ट के लिए बुकिंग कैसे कर सकते हैं?

सरकार ने टेस्ट के लिए जिन लैब्स को मंज़ूरी दी है, उनमें से किसी एक की वेबसाइट पर जाकर या उसके मोबाइल ऐप के ज़रिए ख़ुद को रजिस्टर कर सकते हैं और ऑनलाइन घर से कलेक्शन का स्लॉट बुक कर सकते हैं या उनके कस्टमर केयर नंबर पर फ़ोन कर सकते हैं।

आपके फ़ॉर्म 44 और प्रिस्क्रिप्शन की पुष्टि करने के बाद लैब वाले सैंपल पिकअप को री-कंफर्म करेंगे। टेस्ट बुक करने के लिए आपको लैब पर बिलकुल नहीं जाना है। ऑनलाइन ही बुकिंग कीजिए और सैंपल आपके घर पर ही आकर लिया जाएगा। सैंपल लेने के लिए आने वाला व्यक्ति पूरी तरह प्रशिक्षित होगा।

अंत में सवाल यह है कि टेस्ट रिपोर्ट सरकार तक कैसे पहुंचेगी?

भारत सरकार/आईसीएमआर की गाइडलाइंस के मुताबिक़ लैब वाले ही सारे मरीज़ों की रिपोर्ट तय सरकारी संस्थाओं तक पहुंचाएंगे।

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Author: admin

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