साली से दिल्लगी ने हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ा, रामप्रवेश के घर मचा है कोहराम

जागरण संवाददाता, बिहारशरीफ : पटना जिले के बाढ़ स्थित उमानाथ मंदिर के सामने उफनती गंगा में छलांग लगाने के बाद रामप्रवेश यादव के घर में कोहराम मचा है। समाज व परिवार के खिलाफ जाकर नाबालिग साली से उसकी दिल्लगी ने हंसता-खेलता परिवार उजाड़ दिया। बताया जा रहा है कि बिहारशरीफ के बड़ी पहाड़ी का बाशिदा रामप्रवेश 13 दिन से अपनी नाबालिग साली प्रभा (काल्पनिक नाम) के साथ फरार था। पिता कृष्णा यादव ने काफी खोजबीन की लेकिन उसका पता नहीं चल रहा था। लोक-लाज के कारण घर वालों ने पुलिस को सूचना नहीं दी थी। शनिवार की सुबह अचानक बाढ़ पुलिस ने परिजनों को खबर दी कि रामप्रवेश ने अपनी साली के साथ गंगा नदी में छलांग लगा दी है। परिवार के सदस्य आस-पड़ोस के लोगों के साथ बाढ़ के उमानाथ पहुंचे। वहां एनडीआरएफ की टीम रामप्रवेश और उसकी साली को उफनती गंगा में तलाश रही है। अभी तक दोनों का पता नहीं चला है। आशंका है कि डूबने से दोनों की मौत हो चुकी है।

इधर, जागरण की टीम जब रामप्रवेश के घर बड़ी पहाड़ी पहुंची तो उसकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रो कर बुरा हाल दिखा। पत्नी गुड़िया देवी रह रहकर बेहोश हो जा रही है। परिवार की बुजुर्ग महिलाएं उसे ढाढस बंधाने में जुटी हैं। सात वर्षीया बेटी मेघा को अब भी पापा का इंतजार है। वहीं तीन साल का बेटा सिन्नु रोती-कलपती मां को देखकर लगातार रोता जा रहा है।

रामप्रवेश की शादी करीब 9 साल पहले गढ़पर (बिहार थाना) निवासी प्रभु यादव की पुत्री गुड़िया से हुई थी। शादी के बाद सबकुछ ठीक-ठाक चल रहा था इधर, दो-तीन वर्षों से रामप्रवेश का ससुराल आना-जाना बढ़ गया था, जबकि उसकी पत्नी ससुराल में ही रह रही थी। पड़ोसी जितेन्द्र यादव की मानें तो वह 6-7 महीने से काफी परेशान दिख रहा था।ससुराल वाले रामप्रवेश को किसी बात के लिए ब्लैकमेल कर रहे थे।

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फुफेरे भाई को व्हाट्सऐप पर दी थी समाधि लेने की सूचना

गंगा नदी में छलांग लगाने के पहले शनिवार की सुबह करीब साढ़े चार बजे रामप्रवेश ने बिद थाना क्षेत्र के गोविन्दपुर निवासी अपने फुफेरे भाई जय यादव को व्हाट्सऐप किया था कि वह उमानाथ में समाधि लेने जा रहा है। सुबह में जय यह मैसेज नहीं देख पाया, कुछ घंटे बाद उसने मैसेज पढ़ा, तब तक काफी देर हो चुकी थी। रामप्रवेश अपनी साली के साथ गंगा नदी में छलांग लगा चुका था।

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पिता पशुपालक, खुद की थी पान की दुकान

रामप्रवेश की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह दो-दो शादी कर सबका खर्च वहन कर सके। बड़ी पहाड़ी मोड़ पर उसकी छोटी सी पान की दुकान थी। वहीं पिता पशुपालक हैं। दूध बेचकर आजीविका चलाते हैं। आशंका जताई जा रही है कि साली के साथ फरार होने के बाद उसके पैसे खत्म हो गए होंगे। वहीं अपने परिवार व ससुराल के प्रबल विरोध के कारण वह साली के साथ अपने घर भी लौटना नहीं चाह रहा होगा। इसी कारण ऐसा खतरनाक कदम उठाया।Read Source

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Author: admin

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